दिल्ली बर्बाद कर दी, अब पंजाब की बारी है जी !

दिल्ली को हमने जुबानी जंग का अखाड़ा बना रखा है। जब से मुख्यमंत्री बने हैं, कोर्इ दिन ऐसा नहीं गया, जिस दिन हमने किसी से  झगड़ा नहीं किया। झगड़ा करना हमारा शगल बन गया है। हम सभी से झगड़ते हैं। हमरी झगड़ालु प्रवृति से ही तो हम मीडिया में सुर्खिया बटोरते हैं।  हम झगड़ा इसलिए करते हैं, क्योंकि हम किसी की बात नहीं मानते। किसी कानून को नहीं मानते। यहां तक की हम संवैधानिक व्यवस्था को नहीं मानते। हम अपने मन के राजा हैं, जी ! जो मन में आया कहते हैं और जो मन में आया करते हैं। हमने दिल्ली की जनता से ढ़ेंरों वादे किये थे, पर निभायें नहीं। वादे चुनाव जीतने के लिए किये जाते हैं जी, निभाने के लिए नहीं।

हमने कहा था, हम सादगी से रहेंगे। छोटे मकानों में रहेंगे। बड़ी-बड़ी सरकारी गाड़ियों में नहीं घुमेंगे, पर ऐसा हम हीं क्यों करें भार्इ। हम तो सब से दो कदम आगे चलते हैं। हम विधायकों को ढार्इ लाख रुपये वेतन देते हैं। साथ ही, भरपूर सरकारी सुविधाएं भी। ऐसा इसलिए करते हैं, क्योंकि ये जी भर का सत्ता का मजा लूट सके। ये मजे में रहेंगे तभी बगावत नहीं करेंगे। उस दढ़ियल के खेमे नहीं जायेंगे। सरकार बना कर उसे चलाने से भी ज्यादा हमारे लिए बचानी जरुरी है।  हमारा क्या जाता है- जनता का पैसा है, जो मजे करने के लिए ही तो है। अपनी महिमा का बखान करने के लिए हम जनता का करोड़ो रुपया विज्ञापन बाजी में फूंक रहे हैं, क्योंकि ऐसा करना जरुरी है। जनता कैसे समझ पायेगी हम क्या कर रहे हैं।

दिल्ली की जनता का धन हमने मौज मस्ती और विज्ञापनबाजी में लुटा दिया। यही तो होगा कि नये स्कूल और अस्पताल नहीं बनेंगे। सड़के नहीं बनेगी। सीसीटीवी केमरे नहीं लगेंगे, मुफ्तवार्इफार्इ सुविधा नहीं दे पायेंगे, पर हमारी सरकार तो चलती रहेगी। आज हम दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं, कल पंजाब के बनेंगे। हमारे साम्राज्य का विस्तार होगा तभी तो हम नरेन्द्र मोदी को हटा कर प्रधानमंत्री बन पायेंगे। दो प्रदेशों में  अपनी सरकार बनाने के बाद पूरे देश का दौरा करेंगे। नरेन्द्र मोदी के विरुद्ध जहर उगलेंगे। झूठ और बतंगड़ से सरकार की कार्यप्रणाली पर कर्इ गम्भीर आरोप लगायेंगे। किसी पर झूठे आरोप लगाने और प्रचार माध्यमों से उसे हवा देने में हमारा कोर्इ मुकाबला नहीं है। झूठ को हमने भारत की राजनीति में स्थापित कर दिया है, इसीलिए तो राहुलगांधी हमारे अनुयायी बने हुए हैं। आजकल वे हमारी शैली में राजनीति कर रहे हैं। संसद को वे चलने नहीं दे रहे हैं। भविष्य में भी वे चलने नहीं देंगे। राहुल हमारे मनमाफिक काम कर रहे हैं।  क्योंकि हमारा भारत के संविधान और लोकतांत्रिक परम्पराओं में विश्वास नहीं है। हम भारत की राजनीति को विध्संस की ओर धकेलना चाहते हैं, ताकि जब कभी हमे मौका मिला, हम भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष का नाम ही मिटा देंगे। हम चाहते हैं कि लोकसभा में भी दिल्ली विधानसभा की तरह सभी हमारे ही सांसद हों, ताकि हम सवं​िधान को बदल दें और हम भारत के तानाशाह बन जायें।

आपको मेरा सपना मुंगेरी लाल का हसीन सपना लगेगा, पर सच कह रहें हैं, हम आज जहां पहुचे हैं, वह हमारी काबलियत ही तो है। लोकसभा चुनाव में  पोने चार लाख वोटों से हार गये। दिल्ली में हम सारी लोकसभा सीटे हार गये। पचास विधानसभा की सीटों में बीजेपी ने बढ़त ली थी, परन्तु विधानसभा चुनावों में 67 विधानसभा सीटे जीत कर हमने सब को आश्चर्य चकित कर दिया।  ऐसा ही चमत्कार हम आने वाले चुनावों में भी करने वाले हैं। भाजपा को तो 2019 में हरायेंगे ही, पर  राहुल के सपनों को चूर चूर कर देंगे, क्योंकि राहुल राजनीति का नौसिखिया खिलाड़ी है। हमारी शैली का आत्मसात कर वह भारत का प्रधानमंत्री बनने का ख्वाब देख रहा हैं। राहुल के विदेशी दौरे का मसाला हमारे पास है। इस मसाले में झूठ की मलार्इ मिला कर जनता को परोसेंगे। हमे विश्वास है कि  भारत की जनता राहुल को नकार देगी और हमे स्वीकार कर लेगी, पर यह जोखिम हम बाद में लेंगे। सारे ब्रह्मास्त्रों का उपयोग हम वक्त आने पर करेंगे, अभी नहीं। अभी हमारी सोनिया और राहुल से गहरी दोस्ती है। उनके युग के भ्रष्टाचार को हम कोर्इ अहमियत नहीं देते। कांग्रेस के भ्रष्टाचार को उछाल कर ही हमने राजनीति में प्रवेश किया था, पर उसे भुला कर ही हम राजनीति में जमने का प्रयास कर रहे हैं।

हम पर शहरी नक्सली होने का आरोप लगाया जाता है, वह सही है। नक्सली भी भारत के संविधान को नहीं मानते। हम भी नहीं मानते। वे हिंसा में विश्वास करते हैं। हम झूठ और फरेब की हिंसक राजनीति में विश्वास करते हैं। वे बंदूक की गोलियों से विध्वंस से सरकार को ललकारते हैं। हम झूठे आरोपों और शब्दों की गोलियों से केन्द्र सरकार पर आक्रामक प्रहार करते हैं। फर्क यह है कि गोलिया चलाने वाले अपराधी कहलाते हैं और हमे भारत का कानून अपराधी नहीं ठहरा सकता, क्योंकि हम खेल ही ऐसा खेलते हैं कि सांप भी मर जाय और लाठी भी नहीं टूटे।

विदेश में बैठे एक भार्इ से हमारी गहरी दोस्ती है। भार्इ ने हमे कहा था, मोदी मेरा दुश्मन नम्बर एक है। हम भारत की सत्ता से मोदी को हटाना चाहते हैं।  हम तुम्हारी काबलियत को सलाम करते हैं। तुम मोदी के खिलाप मोर्चा खोल दो, यह भार्इ तुम्हारी हर तरह से सहायत करेगा। दिल्ली जीतने में हमने तुम्हारी मदद की थी, अब पंजाब में भी हम तुम्हारी मदद करेंगे। पंजाब में हमारा  ड्रग्स का लम्बा चौड़ा कारोबार है। मेरे इशारे से ड्रग के कारोबारी तुम्हें हर तरह से साथ देंगे। पंजाब जीत जाओं और मोदी की नाक में दम कर दो। दिल्ली और बिहार के बाद पंजाब में मोदी समर्थकों की हार पक्की है। बंगाल और असम में भी मेरा अच्छा खासा नेट वर्क हैं, वहां भी मोदी की खिलापत में कोर्इ कसर नहीं छोडूंगा। मोदी मुझे फांसी पर लटकाना चाहता है, पर तुम्हारे जैसे दोस्तों को मदद कर मोदी की सारा गरुर खत्म कर दूंगा।

हमे भार्इ पर पूरा भरोसा है। भार्इ भारत को तबाह करना चाहता है। मेरा मकसद भी भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को तबाह करना है, ताकि मैं एक दिन भार्इ की सहायत से अपने मन की मुराद पूरी कर लूं। इसीलिए तो मैं दादरी सब से पहले दौड़ कर गया था। पूरी दुनियां में मैंने इस घटना का डंका पीट कर मोदी सरकार को बदनाम किया था। परन्तु मैं पठानकोट में हुर्इ आतंकी घटना पर कुछ नहीं बोलता। मालदा में एक समुदाय विशेष की उग्र भीड़ थाने में आग लगाती है।  आगजनी करती है। साम्प्रदायिक तनाव पैदा करती है,  पर मैं अपनी प्रतिक्रिया नहीं देता, क्योंकि मैं अपनी चमकती सेकुलर छवि को दाग़दार नहीं बनाना चाहता।

http://bit.ly/1mZSp42

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