Shree Krishna Sharnam Mamah

“Shri Krishna Sharanam Mama” means “Shree Krishna is my shelter”. This mantra is also known as ‘Ashtaakshar mantra’ or the eight-syllable mantra. Literally, it means “Lord Krishna is my refuge”. Within them, these eight syllables contain profound truth that allows us to see the world as it is, as opposed to seeing it through the lens of our misconceptions, imagination and hallucinations. This Mantra is a combination of sacred syllables which form a centre of spiritual energy and serve as a magnet to attract positive spiritual vibrations. The recitation of the Mantra enhances spiritual growth and helps one achieve inner peace.
HAPPY JANMASHTAMI

Aye mere watan ke logo..

ऐ मेरे वतन् के लोगो! तुम खूब लगा लो नारा !
ये शुभदिन है हम सबका! लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर! वीरों ने है प्राण गँवाए!
कुछ याद उन्हें भी कर लो -२! जो लौट के घर न आए -२
ऐ मेरे वतन के लोगो! ज़रा आँख में भरलो पानी!
जो शहीद हुए हैं उनकी! ज़रा याद करो क़ुरबानी |प|
जब घायल हुआ हिमालय! खतरे में पड़ी आज़ादी!
जब तक थी साँस लड़े वो! फिर अपनी लाश बिछादी
संगीन पे धर कर माथा! सो गये अमर बलिदानी!
जो शहीद हुए हैं उनकी! ज़रा याद करो क़ुरबानी |१|
जब देश में थी दीवाली! वो खेल रहे थे होली!
जब हम बैठे थे घरों में! वो झेल रहे थे गोली
थे धन्य जवान वो अपने! थी धन्य वो उनकी जवानी!
जो शहीद हुए हैं उनकी! ज़रा याद करो क़ुरबानी |२|
कोई सिख कोई जाट मराठा -२! कोई गुरखा कोई मदरासी -२!
सरहद पे मरनेवाला! हर वीर था भारतवासी
जो ख़ून गिरा पर्वत पर! वो ख़ून था हिंदुस्तानी!
जो शहीद हुए हैं उनकी! ज़रा याद करो क़ुरबानी |३|
थी खून से लथपथ काया! फिर भी बन्दूक उठाके!
दस-दस को एक ने मारा! फिर गिर गये होश गँवा के
जब अन्त समय आया तो! कह गये के अब मरते हैं!
ख़ुश रहना देश के प्यारो -२! अब हम तो सफ़र करते हैं -२
क्या लोग थे वो दीवाने! क्या लोग थे वो अभिमानी!
जो शहीद हुए हैं उनकी! ज़रा याद करो क़ुरबानी |४|
तुम भूल न जाओ उनको!इसलिये कही ये कहानी!
जो शहीद हुए हैं उनकी! ज़रा याद करो क़ुरबानी
जय हिन्द। जय हिन्द की सेना -२!
जय हिन्द, जय हिन्द, जय हिन्द||[3]

Freindship Day

गर बिकी तेरी *दोस्ती*
तो पहले *ख़रीददार* हम होंगे …

तुझे ख़बर न होगी तेरी *क़ीमत*
पर तुझे पाकर सबसे *अमीर* हम होंगे

दोस्त साथ हो तो रोने में भी *शान* है
दोस्त ना हो तो महफिल भी *श्मशान* है

सारा खेल दोस्ती का है ऐ मेरे *दोस्त*
वरना *जनाजा और बारात* एक ही समान है